🌼 भूमिका: माँ — शब्दों से बड़ी एक हक़ीक़त
माँ…
एक ऐसा शब्द जिसे लिखते ही आँखें नम हो जाती हैं और दिल अपने आप झुक जाता है।
माँ कोई रिश्ता नहीं, एक मुकम्मल दुनिया होती है।
जिसकी गोद पहला घर होती है,
जिसकी दुआ पहली ढाल बनती है
और जिसकी ममता आख़िरी सहारा।
इस दुनिया में अगर बिना शर्त प्यार कहीं मिलता है,
तो वो सिर्फ़ माँ के दिल में मिलता है।
🌸 माँ की ममता: जो बिना बोले समझ ले
जब हम रोते हैं और कोई वजह नहीं पूछता,
जब हम थकते हैं और कोई शिकायत नहीं करता,
जब हम हार जाते हैं और कोई हिम्मत नहीं छोड़ता —
वो सिर्फ़ माँ होती है।
माँ की ममता कोई कहानी नहीं,
वो तो रोज़ की ज़िंदगी में घुला हुआ सच है।
“माँ की एक मुस्कान,
हज़ार परेशानियों को मिटा देती है।”
🌹 माँ पर दिल को छू लेने वाली शायरी
माँ की दुआओं में असर कुछ यूँ होता है,
हर टूटा हुआ सपना मुकम्मल सा होता है।
भूखी रहकर भी जो हमें खिलाती है,
वो माँ ही है, जो खुद को भुला देती है।
दुनिया ने ठुकराया जब हर मोड़ पर,
माँ की आग़ोश ने सीने से लगा लिया।
🌼 बचपन और माँ: सबसे खूबसूरत रिश्ता
बचपन में माँ की गोद से बड़ी कोई जन्नत नहीं थी।
उसकी लोरी में नींद नहीं, सुकून होता था।
उसकी डाँट में भी फिक्र छुपी होती थी।
जब हम गिरते थे,
माँ दर्द से पहले डर जाती थी।
आज बड़े हो गए हैं,
पर माँ आज भी वहीं है —
उसी फिक्र, उसी ममता के साथ।
🌸 माँ का त्याग: जो कभी गिना नहीं जाता
माँ अपने सपनों को हमारे नाम कर देती है।
वो अपने हिस्से की नींद,
अपने हिस्से की खुशी,
अपने हिस्से की ज़िंदगी —
सब हमें दे देती है।
और बदले में कुछ नहीं मांगती,
सिवाय हमारे चेहरे की एक मुस्कान के।
“माँ की थकान कभी दिखाई नहीं देती,
क्योंकि वो मुस्कान के पीछे छुपी होती है।”
🌹 माँ पर एक ग़ज़ल (Makta: Noor Alam Ansari)
माँ की दुआओं में असर इतना गहरा होता है,
हर एक मुश्किल का सफ़र आसान सा होता है।
उसकी हँसी में छुपा है सुकून का आलम,
उसकी नज़रों में ही मेरा जहान सा होता है।
भूखी रहकर भी जो पहले हमें खिलाती है,
उसका सब्र ही मेरी पहचान सा होता है।
दुनिया की ठोकरें जब भी रुला देती हैं,
माँ की आग़ोश में ही सुकून सा होता है।
Noor Alam Ansari कहे ये दिल से ऐ ख़ुदा,
मेरी हर साँस में बस माँ का एहसान सा होता है।
🌼 माँ और वक़्त: एक अफ़सोस भरी सच्चाई
अफ़सोस इस बात का है कि
हम माँ की क़दर अक्सर देर से समझते हैं।
जब तक माँ पास होती है,
हम व्यस्त रहते हैं।
और जब वक़्त निकल जाता है,
तो बस यादें रह जाती हैं।
अगर आपकी माँ ज़िंदा है,
तो आज ही उनसे बात कीजिए,
आज ही उनका हाथ थामिए।
🌸 माँ के नाम एक ख़ामोश ख़त
माँ,
अगर कभी मैंने तुम्हारी बात अनसुनी की हो,
अगर कभी तुम्हारी आँखों की नमी नहीं समझ पाया हो,
तो मुझे माफ़ कर देना।
मैं जो भी हूँ,
जो भी बन पाया हूँ,
वो सब तुम्हारी दुआओं की बदौलत है।
🌹 माँ: खुदा का सबसे खूबसूरत तोहफ़ा
कहा जाता है —
खुदा हर जगह नहीं हो सकता,
इसलिए उसने माँ बनाई।
माँ सच में खुदा का वो तोहफ़ा है,
जिसकी कीमत हम पूरी ज़िंदगी चुका नहीं सकते।
🌼 आख़िरी बात (Conclusion)
अगर ये पोस्ट पढ़कर
आपकी आँखें नम हुई हों,
तो समझिए ये पोस्ट कामयाब हुई।
और अगर आपकी माँ ज़िंदा है,
तो अभी जाइए —
उनके माथे को चूमिए,
क्योंकि माँ से बड़ा कोई रिश्ता नहीं।
✍️ लेखक: Noor Alam Ansari
🌐 Brand: Shayari With Noor