10 बेहतरीन उर्दू ग़ज़ल | Noor Alam Ansari
उर्दू ग़ज़ल दिल की आवाज़ होती है… यहाँ पेश हैं 10 ख़ास ग़ज़लें जिनके मक़ते में Noor Alam Ansari का नाम शामिल है।
🌙 ग़ज़ल 1
दिल ने जब भी सुकून ढूंढा, तेरा नाम आया
हर दुआ में बस एक ही पैग़ाम आया
हमने चाहा भी तो किस कदर तुझे चाहा
हर ख़्वाब में बस तेरा ही मुक़ाम आया
मक़ता:
ये ग़ज़ल नहीं, दिल की पहचान है
कलम से लिखा Noor Alam Ansari का बयान है
🌙 ग़ज़ल 2
तेरी ख़ामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है
हर बात सीधा दिल में उतर जाती है
हमने माना ग़लती हमारी भी थी
मगर तेरी बेरुख़ी जान ले जाती है
मक़ता:
हर दर्द को अल्फ़ाज़ मिला
जब लिखा Noor Alam Ansari ने ग़ज़ल
🌙 ग़ज़ल 3
इश्क़ ने बहुत आज़माया है हमें
हर खुशी के बदले ग़म पाया है हमने
लोग कहते हैं सब ठीक हो जाएगा
मगर तेरा नाम ही साया है हमने
मक़ता:
तन्हाई की स्याही से जो लिखा गया
वो कलाम Noor Alam Ansari का था
🌙 ग़ज़ल 4
रात भर तुझे ही सोचते रहे
अपने ख़्वाबों से भी रूठते रहे
तू मिला नहीं मगर एहसास रहा
इसी एहसास में हम जीते रहे
मक़ता:
हर अश्क ने गवाही दी
कि ये शायर Noor Alam Ansari है
🌙 ग़ज़ल 5
तेरी यादों का सिलसिला थमता नहीं
दिल का दर्द किसी से कहता नहीं
हम मुस्कुरा कर जी लेते हैं
मगर ये दिल अंदर से संभलता नहीं
मक़ता:
हर लफ़्ज़ में दर्द छुपा है
ये हुनर Noor Alam Ansari का है
🌙 ग़ज़ल 6
कभी मेरी मोहब्बत को समझ लेना
मेरी ख़ामोशी में भी शोर है
हमने हर इल्ज़ाम खुद पे लिया
बस तेरी मुस्कान का दौर है
मक़ता:
जो सह गया सब कुछ चुपचाप
वो शायर Noor Alam Ansari और कौन है
🌙 ग़ज़ल 7
तेरे बिना ये दिल वीरान सा है
हर खुशी भी अब अनजान सी है
हमने चाहा जिसे टूट कर
उसी की नज़र में पहचान सी है
मक़ता:
दर्द को शायरी बना दिया
ये कमाल Noor Alam Ansari का है
🌙 ग़ज़ल 8
इश्क़ में हार जाना भी फ़न है
हर किसी के बस की बात नहीं
जो निभा जाए आख़िरी साँस तक
वो मोहब्बत कोई सस्ती बात नहीं
मक़ता:
दिल से जो निकले वही क़लाम बने
ये उसूल Noor Alam Ansari का है
🌙 ग़ज़ल 9
तेरी तस्वीर आज भी दिल में है
तेरी बात आज भी महफ़िल में है
हम जुदा होकर भी जुदा न हुए
मेरी रूह आज भी मंज़िल में है
मक़ता:
जिसे दुनिया शायरी कहती है
वो दर्द Noor Alam Ansari के दिल में है
🌙 ग़ज़ल 10
वक़्त ने बहुत कुछ सिखा दिया
अपनों ने ही हमें भुला दिया
जो गैर थे वही पास रहे
और अपनों ने ही ठुकरा दिया
मक़ता:
आज भी सच लिखता है बेख़ौफ़
कलम का नाम Noor Alam Ansari है
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✍️ Shayari with Noor | Noor Alam Ansari
✍️ Shayari with Noor
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