टूट कर भी जो रिश्ता संभाल लेता हूँ,
मैं अपनी फ़ितरत में वफ़ा निकाल लेता हूँ।
तू बदल भी जाए अगर ज़माने की तरह,
मैं हर बार खुद को तेरा हाल बना लेता हूँ।
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2.
कुछ लफ़्ज़ अधूरे थे, कुछ खामोशियाँ बाक़ी,
हमने दिल में ही दबा ली हर शिकायत सारी।
तू मुस्कुराता रहे बस इसी दुआ में गुज़रे,
हमारी रातें, हमारे दिन, हमारी जिंदगी भारी।
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3.
दर्द भी कितना अजीब हमसफ़र है मेरा,
जहां जाऊँ वहीं कंधे पर हाथ रख लेता है।
लोग कहते हैं कि वक़्त हर घाव भर देता है,
पर ये दिल है जो तन्हाई में भी टूट लेता है।
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4.
तेरी यादें यूँ हर रात जगा देती हैं,
थकान आँखों में हो तब भी सुला नहीं देती हैं।
हम तो सोचते थे भूल जाएंगे तुझे एक दिन,
पर तेरी कमी धड़कनों को भी रुला देती है।
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5.
कभी हम भी मुस्कुराते थे दुनिया के संग,
आज अकेले में भी हँसी आने से डर लगता है।
टूटे हुए दिल की खामोशी क्या जाने कोई,
ये दर्द भीतर ही भीतर घर करता जाता है।
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6.
अहसास का रिश्ता बहुत गहरा होता है,
मुस्कान में भी दर्द उभर आता है।
लोग पूछते हैं क्यों खामोश रहते हो,
अब उन्हें क्या बताएं — दिल रोज़ बिखर जाता है।
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7.
ना जाने किस मोड़ पर जिंदगी ने ला दिया,
खुद से ही एक अजीब सा फ़ासला दे दिया।
लोग कहते हैं कि हम बहुत बदल गए हैं,
पर किसी ने नहीं पूछा—दर्द ने क्या-क्या सिखा दिया।
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8.
रिश्ते भी बड़ी अजीब कहानी लिखते हैं,
हँसते चेहरों के पीछे तन्हाई दिखते हैं।
हमने तो जीना सीख लिया दर्द के साथ,
वरना ये दिल हर धड़कन पर रोने लगते हैं।
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9.
कभी हम भी तेरे ख़्वाबों में खोए रहते थे,
तेरी हर धड़कन को अपना मान लेते थे।
आज तू बेपरवाह है तो कोई बात नही,
हम आज भी तेरे लिए दुआएँ माँगते रहते थे।
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10.
तू मिला ही नहीं पर तुझसे मोहब्बत हो गई,
तेरी एक झलक से ही जुड़ती आदत हो गई।
अब दिल को कैसे समझाएं इस जुल्म से,
कि जो कभी अपना था ही नहीं — वो जरूरत हो गई।
